जोधपुर में बैठ वसुंधरा सरकार के कामकाज का पोस्टमार्टम करेंगे भागवत
- SUNIL CHOUDHARY
- Sep 08, 2015, 11:16 AM IST
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प्रदेश में विभिन्न दायित्व संभाल रहे संघ के पदाधिकारियों से लेंगे फीडबैक
जोधपुर। राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के सर संघचालक डॉ. मोहन भागवत जोधपुर में बैठ राज्य सरकार के कामकाज की समीक्षा करेंगे। वे प्रदेश में विभिन्न दायित्व संभाल रहे संघ के वरिष्ठ कार्यकर्ताओं के साथ गहन विचार विमर्श करेंगे। वे सोलह सितम्बर को पांच दिवसीय यात्रा पर जोधपुर आ रहे है। भागवत की इस यात्रा को संघ की तरफ से सामान्य प्रवास बताया जा रहा है, लेकिन राजनीतिक विश्लेषक ऐसा नहीं मान रहे है। मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के खिलाफ ललित मोदी को लेकर उठे बवंडर की गर्त धीरे-धीरे भले ही बैठ रही हो, लेकिन पार्टी व संघ के अंदर यह मसला अभी भी खदबदा रहा है। वहीं राज्य सरकार की शिथिलता, राजनीतिक नियुक्तियों में हो रहा विलंब और काम नहीं होने की कार्यकर्ताओं की बढ़ती शिकायतों पर भी विचार विमर्श होगा। ऐसे में देखने वाली बात होगी कि संघ के पदाधिकारी भागवत को किस प्रकार का फीडबैक देते है। इसके आधार पर संघ अपनी अगली रणनीति तय करेगा।
सभी की निगाह जोधपुर बैठक पर
राजनीतिक हलकों में इस यात्रा को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। ललित मोदी प्रकरण पार्टी स्तर पर सतही तौर पर एक बार शांत हो गया है, लेकिन अंदरखाने अभी तक यह मामला गर्माया हुआ है। ऐसे में भागवत प्रदेश में संघ के विभिन्न दायित्व संभाल रहे अपने कार्यकर्ताओं से फीडबैक लेंगे। इसके माध्यम से उनका प्रयास रहेगा कि इस प्रकरण से पार्टी और सरकार की छवि को कितना नुकसान पहुंचा और उसकी भरपाई कैसे की जा सकती है। वहीं प्रदेश में यह धारणा घर करती जा रही है कि राज्य सरकार का कामकाज शिथिल हो गया है। किसी स्तर पर सुनवाई नहीं होने से कार्यकर्ताओं में उपजी नाराजगी सहित कुछ ऐसे मुद्दे है जिन पर भागवत गहराई से संघ पदाधिकारियों के साथ मंथन करेंगे। इस फीडबैक के आधार पर ही संघ इस मुद्दे पर अपनी अगली रणनीति का निर्धारण करेगा कि इनसे कैसे निपटा जाए। ललित मोदी प्रकरण को लेकर पार्टी की छवि पर लगे दाग को लेकर संघ पूर्व में पार्टी आलाकमान के समक्ष अपनी नाराजगी जता चुका है। इस परीपेक्ष्य में संघ का मंथन महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
सोलह को पहुंचेंगे जोधपुर
सर संघचालक डॉ. भागवत बारह से बीस सितम्बर तक प्रदेश की यात्रा पर रहेंगे। वे बारह सितम्बर को जयपुर पहुंचेंगे। वे जयपुर के दुर्गापुरा में स्थित राज्य कृषि प्रबंध संस्थान में प्रस्तावित अखिल भारतीय स्तंभ लेखक संगोष्ठी में बतौर मुख्य वक्ता शामिल होंगे। इस संगोष्ठी में वे स्तंभ लेखकों के साथ संवाद भी करेंगे। जयपुर प्रवास के दौरान वे जयपुर प्रांत के कार्यकर्ताओं के साथ बैठक कर उनसे फीडबैक लेंगे। इसके बाद सोलह सितम्बर को सुबह वे जोधपुर पहुंचेंगे। जोधपुर में वे तीन दिन तक राजस्थान क्षेत्र में विभिन्न दायित्व संभाल रहे संघ के वरिष्ठ कार्यकर्ताओं की बैठक लेंगे। बीस सितम्बर को जोधपुर महानगर के एकत्रीकरण को संबोधित करेंगे। संघ के पदाधिकारियों का कहना है कि उनकी यात्रा का कार्यक्रम काफी पहले तय हो जाता है। पूर्व में भी इस तरह की यात्रा होती रही है।
सर संघचालक की पांच दिवसीय जोधपुर यात्रा सोलह से
प्रदेश में विभिन्न दायित्व संभाल रहे संघ के पदाधिकारियों से लेंगे फीडबैक
जोधपुर। राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के सर संघचालक डॉ. मोहन भागवत जोधपुर में बैठ राज्य सरकार के कामकाज की समीक्षा करेंगे। वे प्रदेश में विभिन्न दायित्व संभाल रहे संघ के वरिष्ठ कार्यकर्ताओं के साथ गहन विचार विमर्श करेंगे। वे सोलह सितम्बर को पांच दिवसीय यात्रा पर जोधपुर आ रहे है। भागवत की इस यात्रा को संघ की तरफ से सामान्य प्रवास बताया जा रहा है, लेकिन राजनीतिक विश्लेषक ऐसा नहीं मान रहे है। मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के खिलाफ ललित मोदी को लेकर उठे बवंडर की गर्त धीरे-धीरे भले ही बैठ रही हो, लेकिन पार्टी व संघ के अंदर यह मसला अभी भी खदबदा रहा है। वहीं राज्य सरकार की शिथिलता, राजनीतिक नियुक्तियों में हो रहा विलंब और काम नहीं होने की कार्यकर्ताओं की बढ़ती शिकायतों पर भी विचार विमर्श होगा। ऐसे में देखने वाली बात होगी कि संघ के पदाधिकारी भागवत को किस प्रकार का फीडबैक देते है। इसके आधार पर संघ अपनी अगली रणनीति तय करेगा।
सभी की निगाह जोधपुर बैठक पर
राजनीतिक हलकों में इस यात्रा को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। ललित मोदी प्रकरण पार्टी स्तर पर सतही तौर पर एक बार शांत हो गया है, लेकिन अंदरखाने अभी तक यह मामला गर्माया हुआ है। ऐसे में भागवत प्रदेश में संघ के विभिन्न दायित्व संभाल रहे अपने कार्यकर्ताओं से फीडबैक लेंगे। इसके माध्यम से उनका प्रयास रहेगा कि इस प्रकरण से पार्टी और सरकार की छवि को कितना नुकसान पहुंचा और उसकी भरपाई कैसे की जा सकती है। वहीं प्रदेश में यह धारणा घर करती जा रही है कि राज्य सरकार का कामकाज शिथिल हो गया है। किसी स्तर पर सुनवाई नहीं होने से कार्यकर्ताओं में उपजी नाराजगी सहित कुछ ऐसे मुद्दे है जिन पर भागवत गहराई से संघ पदाधिकारियों के साथ मंथन करेंगे। इस फीडबैक के आधार पर ही संघ इस मुद्दे पर अपनी अगली रणनीति का निर्धारण करेगा कि इनसे कैसे निपटा जाए। ललित मोदी प्रकरण को लेकर पार्टी की छवि पर लगे दाग को लेकर संघ पूर्व में पार्टी आलाकमान के समक्ष अपनी नाराजगी जता चुका है। इस परीपेक्ष्य में संघ का मंथन महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
सोलह को पहुंचेंगे जोधपुर
सर संघचालक डॉ. भागवत बारह से बीस सितम्बर तक प्रदेश की यात्रा पर रहेंगे। वे बारह सितम्बर को जयपुर पहुंचेंगे। वे जयपुर के दुर्गापुरा में स्थित राज्य कृषि प्रबंध संस्थान में प्रस्तावित अखिल भारतीय स्तंभ लेखक संगोष्ठी में बतौर मुख्य वक्ता शामिल होंगे। इस संगोष्ठी में वे स्तंभ लेखकों के साथ संवाद भी करेंगे। जयपुर प्रवास के दौरान वे जयपुर प्रांत के कार्यकर्ताओं के साथ बैठक कर उनसे फीडबैक लेंगे। इसके बाद सोलह सितम्बर को सुबह वे जोधपुर पहुंचेंगे। जोधपुर में वे तीन दिन तक राजस्थान क्षेत्र में विभिन्न दायित्व संभाल रहे संघ के वरिष्ठ कार्यकर्ताओं की बैठक लेंगे। बीस सितम्बर को जोधपुर महानगर के एकत्रीकरण को संबोधित करेंगे। संघ के पदाधिकारियों का कहना है कि उनकी यात्रा का कार्यक्रम काफी पहले तय हो जाता है। पूर्व में भी इस तरह की यात्रा होती रही है।
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