भरष्टाचार ने उजड़ दी जिन्दगीअ मकान मुख्यमंत्री बीपीएल आवास योजना के तहत हाल ही बना था।
गोगुंदा/उदयपुर. गोगुंदा क्षेत्र के ओबरा खुर्द गांव में सोमवार की रात मकान ढहने से पति-पत्नी की दबकर मौत हो गई। मंगलवार सुबह 7 घंटे बाद मलबे से शव निकाले जा सके। मलबा हटाने के बाद देखने को मिला कि पति-पत्नी का हाथ एक दूसरे के हाथों में था। यहीं पर बंधे दो बैल भी मर गए। यह मकान मुख्यमंत्री बीपीएल आवास योजना के तहत हाल ही बना था। तहसील मुख्यालय से 15 किमी दूर स्थित इस गांव में हादसा रात 11 बजे हुआ। इसमें ओबरा खुर्द निवासी नाना लाल गमेती (45) व पत्नी देवली गमेती (40) की मौत हो गई। नानालाल भवन निर्माण कारीगर था। इसके अलावा दंपती खेती कर गुजारा चलाता था।
गोगुंदा/उदयपुर. गोगुंदा क्षेत्र के ओबरा खुर्द गांव में सोमवार की रात मकान ढहने से पति-पत्नी की दबकर मौत हो गई। मंगलवार सुबह 7 घंटे बाद मलबे से शव निकाले जा सके। मलबा हटाने के बाद देखने को मिला कि पति-पत्नी का हाथ एक दूसरे के हाथों में था। यहीं पर बंधे दो बैल भी मर गए। यह मकान मुख्यमंत्री बीपीएल आवास योजना के तहत हाल ही बना था। तहसील मुख्यालय से 15 किमी दूर स्थित इस गांव में हादसा रात 11 बजे हुआ। इसमें ओबरा खुर्द निवासी नाना लाल गमेती (45) व पत्नी देवली गमेती (40) की मौत हो गई। नानालाल भवन निर्माण कारीगर था। इसके अलावा दंपती खेती कर गुजारा चलाता था।
बेटा मोड़ी राम अपनी पत्नी के साथ पिता के घर से थोड़ी दूर रहता है। आधी रात धमाका सुनकर ग्रामीण उसके घर की तरफ भागे। प्रधान पुष्कर लाल तेली, विधायक प्रताप भील सहित तहसीलदार सुरेंद्र पाटीदार, पटवारी सी.पी.बागडी, आरआई कमलेश शर्मा, नायब तहसीलदार किशाेर खत्री, एएसआई भगवत नाथ मौके पर पहुंचे। सुबह मजदूरों की सहायता से मलबा हटाया गया। छह फीट लंबी भारी पट्टियां व मलबा हटाने में एक घंटे का समय लगा।
बिना प्लास्टर की थी ईंटों की दीवार
पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि कमरे की दीवारों में लगी ईट-पत्थरों की चुनाई गारे से की गई थी। फिर उनके ऊपर वजनदार पट्टियों की छत डाल दी थी। पिछले दिनों लगातार छह दिन बरसात होने से दीवारें कमजोर हो गई थी। दीवारें भारी भरकम पट्टियों को वजन सह नहीं पाई और मकान ढह गया।
पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि कमरे की दीवारों में लगी ईट-पत्थरों की चुनाई गारे से की गई थी। फिर उनके ऊपर वजनदार पट्टियों की छत डाल दी थी। पिछले दिनों लगातार छह दिन बरसात होने से दीवारें कमजोर हो गई थी। दीवारें भारी भरकम पट्टियों को वजन सह नहीं पाई और मकान ढह गया।
ऐसे मकानों की जांच करवाएंगे
एसडीएम सत्यनारायण आचार्य व प्रधान पुष्कर तेली के मुताबिक हादसे की वजह कमजोर दीवारें सामने आ रहा है। पूरे उपखण्ड क्षेत्र में ऐसे कच्चे मकानों का सर्वे करवा कर जांच करने के लिए पटवारियों को पाबंद कर दिया है।

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