राधे मां का नया ऑडियो, दुश्मन को कभी प्यार से रिझाया तो कभी 'बंदर' बुलाया
लुधियाना। विवादों में घिरी राधे मां के खिलाफ रोज नए खुलासे हो रहे हैं। इस बार राधे मां के 13 साल पुराने दुश्मन और विश्व हिंदू परिषद फगवाड़ा (पंजाब ) के पूर्व प्रधान सुरिंदर मित्तल ने काॅल रिकाॅर्ड जारी किया है। इसके हवाले से सुरिंदर मित्तल कहते हैं कि अप्रैल में उन्हें राधे मां के फोन आए हैं जिसमें वह उसे बार-बार कहती है कि मैं तुमसे प्यार करती हूं। सुरिंदर ने जब देर रात फोन करने की राधे मां से वजह पूछी तो उन्होंने कहा, मैं तो नाइट बर्ड हूं। इस दौरान राधे मां सुरिंदर को बंदर भी कहतीं हैं।
राधे मां से सुरिंदर मित्तल का कनेक्शन 13 साल पुराना है। गौरतलब है कि 13 साल पहले पंजाब के फगवाड़ा में राधे मां ने एक जागरण किया था। जिसमें राधे मां ने देवी अष्टभुजी माता की फोटो पर अपनी फोटो लगा दी थी। जिसके बाद वहां के लोगों ने राधे मां का विरोध किया था और इसक लिए उन्हें लोगों से माफी भी मांगनी पड़ी थी। इस विरोध की अगुआई सुरिंदर मित्तल ने की थी।
पेश है सुरिंदर मित्तल से राधे मां के बातचीत के अंश....(ये बातचीत के अंश अलग-अलग दिनों के हैं।)
सुरिंदर- कौन बोल रहे हो
राधे मां - मैं राधे मां, देवी मां, बॉम्बे से. ये मेरा पंजाब का नंबर है
सुरिंदर मित्तल- ओए तू राधे मां नहीं हो सकती, समझ गई न!
राधे मां- हां
सुरिंदर मित्तल- तू राधे मां नहीं हो सकती
राधे मां- क्यों?
सुरिंदर मित्तल-बताऊंगा सुबह क्यों क्या? तू इस समय फोन क्यों कर रही है मेरे को?
राधे मां- मैं ये बताने के लिए फोन कर रही हूं कि..
सुरिंदर मित्तल- मुझे बताने कि जरूरत नहीं है समझ गई ना
राधे मां - मैं राधे मां, देवी मां, बॉम्बे से. ये मेरा पंजाब का नंबर है
सुरिंदर मित्तल- ओए तू राधे मां नहीं हो सकती, समझ गई न!
राधे मां- हां
सुरिंदर मित्तल- तू राधे मां नहीं हो सकती
राधे मां- क्यों?
सुरिंदर मित्तल-बताऊंगा सुबह क्यों क्या? तू इस समय फोन क्यों कर रही है मेरे को?
राधे मां- मैं ये बताने के लिए फोन कर रही हूं कि..
सुरिंदर मित्तल- मुझे बताने कि जरूरत नहीं है समझ गई ना
राधे मां- कोई तुम्हारी डिमांड है तो तुम...
सुरिंदर मित्तल- क्यों मुझे क्यों डिमांड है, मुझे किस चीज की डिमांड होगी भई.
राधे मां- तुझे चाहिए कुछ तो मैं तेरी हेल्प कर सकती हूं.
सुरिंदर मित्तल-क्यों मुझे क्यों चाहिए, मैं तुझ जैसी से लेने के लिए बैठा हूं.
राधे मां- कहां गई इंसानियत?
सुरिंदर मित्तल-मुझे इंसानियत की जरूरत नहीं है, इंसानियत तुम लोगों से सीखनी है, गंदे चोरों से.
राधे मां-क्योंकि मेरा तो कुछ है ही नहीं
सुरिंदर मित्तल- हां, हां तुम्हारा तो है ही कुछ नहीं
राधे मां- हां, मैं सबसे बड़ी चोर हूं
सुरिंदर मित्तल-बिल्कुल
राधे मां-कोई बात नहीं मैं चोर हूं, मैं बेग हूं, मैं गरीब हूं
सुरिंदर- ऐसा करो, अपने ना, दो-चार, एक और आ रहा है न फगवाड़े से पवन कुमार पप्पी, उसके बेचारे का काम भी काफी ढोंगा है, काफी पैसा देना है बेचारे को मार्केट का, उसको भी थोड़े पैसे दे देना
राधे मां- दे दूंगी, नो प्रोब्लम
सुरिंदर-बिल्कुल, बिल्कुल तभी कह रहा हूं, राजे को 50 हजार की जगह एक लाख कर दो उसको, बांटो-बांटो चोरों का माल सबमें
राधे मां- मेहर होती है ये प्रभु की, ईश्वर जिनपर कृपा करता है, तो वो देते हैं, किसी की औकात नहीं, किसी की जुर्रत नहीं कि मेरे सामने कुछ बोल दे, मैंने उसे ये दिया है, क्योंकि ये प्रभु का है, प्रभु का पैसा प्रभु को देते हैं..
सुरिंदर- हां
राधे मां- जो महीने का 40 लाख कमाते हैं, वो भी मेरे चरणों में चढ़ाते हैं, क्योंकि उन्होंने मेहनत की है
सुरिंदर- बिल्कुल, बिल्कुल क्योंकि बहुत मेहनत की है, बिल्कुल सही बात है
राधे मां- मेहनत मैंने भी बहुत मेहनत की है, 8-8 घंटे बैठ के, 8-8 घंटे कमर को तकलीफ दी है, इतना बैठ के बताओ तुम
सुरिंदर- मैं बैठता हूं, मैं बैठता हूं, चिंता मत करो, मैं बैठता हूं
राधे मां- वाह ------------- काम कर दिया, हा हा हा हा हा हा हा हा
सुरिंदर- फालतू बकवास, फालतू बकवास नहीं करनी तुम समझी न
राधे मां- मैं तो करूंगी, बंदर-बंदर, बंदर-बंदर, बंदर- देखो कितना इरीटेट हो रहा होगा, बंदर-बंदर जी,
राधे मां- आई अम प्योर एन प्वाइज, आई अम प्योर एन प्वाइज, मां हूं मैं
सुरिंदर- आई अम प्योर एन प्वाइज! अच्छा
राधे मां- मैं अपने पापा के नजर में अच्छी हूं, मैं अपने हसबैंड के नजर में, अपने बच्चों की नजर में अच्छी हूं, फिर तुम्हारी नजर में तो भगवान भी अच्छा नहीं होगा शायद
सुरिंदर-बिल्कुल, बिल्कुल तभी कह रहा हूं, राजे को 50 हजार की जगह एक लाख कर दो उसको, बांटो-बांटो चोरों का माल सबमें
राधे मां- मेहर होती है ये प्रभु की, ईश्वर जिनपर कृपा करता है, तो वो देते हैं, किसी की औकात नहीं, किसी की जुर्रत नहीं कि मेरे सामने कुछ बोल दे, मैंने उसे ये दिया है, क्योंकि ये प्रभु का है, प्रभु का पैसा प्रभु को देते हैं..
सुरिंदर- हां
राधे मां- जो महीने का 40 लाख कमाते हैं, वो भी मेरे चरणों में चढ़ाते हैं, क्योंकि उन्होंने मेहनत की है
सुरिंदर- बिल्कुल, बिल्कुल क्योंकि बहुत मेहनत की है, बिल्कुल सही बात है
राधे मां- मेहनत मैंने भी बहुत मेहनत की है, 8-8 घंटे बैठ के, 8-8 घंटे कमर को तकलीफ दी है, इतना बैठ के बताओ तुम
सुरिंदर- मैं बैठता हूं, मैं बैठता हूं, चिंता मत करो, मैं बैठता हूं
राधे मां- वाह ------------- काम कर दिया, हा हा हा हा हा हा हा हा
सुरिंदर- फालतू बकवास, फालतू बकवास नहीं करनी तुम समझी न
राधे मां- मैं तो करूंगी, बंदर-बंदर, बंदर-बंदर, बंदर- देखो कितना इरीटेट हो रहा होगा, बंदर-बंदर जी,
राधे मां- आई अम प्योर एन प्वाइज, आई अम प्योर एन प्वाइज, मां हूं मैं
सुरिंदर- आई अम प्योर एन प्वाइज! अच्छा
राधे मां- मैं अपने पापा के नजर में अच्छी हूं, मैं अपने हसबैंड के नजर में, अपने बच्चों की नजर में अच्छी हूं, फिर तुम्हारी नजर में तो भगवान भी अच्छा नहीं होगा शायद
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